Skip to main content

Posts

Showing posts from March, 2013

EMPOWERING WOMEN OF CHHITAINI BARGARH

THIS GIRL IS LIVING IN  CHHITAINI VILLAGE OF INDIA . WATER IS BIG ISSUE OF THIS VILLAGE . VILLAGE WOMEN GROUPS MAHILA SHANTI WAS STRUGGLING FOR RECEIVING GOOD WATER SINCE 5 YEAR..SUCCESS STORY OF WOMEN GROUPS IS  LAST YER  GOVERNMENT ESTABLISH HAND PUMP. NOW VILLAGERS ARE USING HAND PUMP WATER FOR DRINKING PURPOSE  AFTER BIG ADVOCACY?   Tuberculosis IS FIRST  BIG  ISSUE OF CHHITAINI -INDIA . COMMUNITY OF CHHITAINI ARE SO POOR .SOCIAL PROBLEM IS FAMILY DOES NOT SUPPORT TO tuberculosis PATIENT. AND COMMUNITY ARE SO POOR THOSE CAN NOT CONTRIBUTE MONEY TO PATIENT FOR SUPPORT TO TRANSPORTATION FROM HOME TO DOTES CENTER/HOSPITAL. tuberculosis PATIENT NOT ABEL TO RECEIVED EFFECTIVE FOOD ..GOVERNMENT FACILITY HAVE NO COUNSELING AND NOT PROPER TESTING.     CHILD LABOR AND POOR EDUCATION QUALITY ARE 2 BIG ISSUE OF CHHITAINI .

बुन्देलखंड के युवाओ को टी बी से मुक्ति कैसे मिले ?

                   बुंदेलखंड के गाँवो में तपेदिक को टी बी कहते है। आज पूरे विश्व ने इस महामारी पर चिंतन किया पर जो चिंतन चित्रकूट के  बरगढ़ आदिवासी  गाँवो के टी बी मरीजो ने  किया वह बहुत ही दर्द नाक था .वैसे विकासित देशो में टी बी के बारे में वहा  के युवा को बहुत जानकारी नहीं होगी जीतनी बरगढ़ के युवा को है क्यों की विकसित  देशो में टी बी के मरीज नगण्य है.                  छितैनी गाँव में अपना दर्द  बाया करते  हुवे २० वर्षीय युवा  रविकरण ने बताया कि वह  टी बी  रोग कमजोर  होगया है .माँ मजदूरी करती  है .वह ४० ० प्रति सप्ताह दवा को देती  है .सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं हुवा तब प्राइवेट डाक्टर से  करा रहे है .४०  वर्षीय  सूरजपाल ४ वर्षो  से  टी बी से परेशान है.अबतक  ५ ० हजार की दवा करा चुके है...