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Showing posts from July, 2014

बुंदेलखंड बाल संरक्षण सर्किल क्या और क्यों ?

                                                                                                        बाल संरक्षण सर्किल                                                                   परिभाषाये                             बच्चा -अंतराष्ट्रीय परिभाषा के अनुसार बच्चे का निर्धारण  ० -२४ वर्ष तक की आयु है ,पर भारत में            ०-१८ तक की आयु में आने वाले को बच्चा माना गया है।  बाल संरक्षण-  बाल संरक्षण- का अर्थ है कि गर्भ...

भारत के अंदर अघोषित आर्थिक सामाजिक युद्ध आपदाओ से भय भीत बच्चे -

बंद करो अख़बार पढ़ना यह केवल मौत पढ़ाता है। अख़बार के समाचारो में -मौत /बलात्कार की खबरे सबसे अधिक है जो सभी अखबारों में नित्य आरही है। गांव के रामकृपाल चाचा एक दिन जोर से बोले बंद करो अख़बार पढ़ना यह केवल मौत पढ़ाता है।  यह खबरे -अफगानिस्तान /पाकिस्तान /गाजा /इराक /नाइजीरिया से नहीं बल्कि भारत के  शहरों /गाँवो /मुहल्लों से है जन्हा बच्चे ही असुरक्षित और दुश्मनियो के शिकार है।परिवारो के अंदर माता- पिता /भाई -बहन /चाचा -आदि के बीच बच्चे / सुरक्षित नहीं है। असमय मौत /और बलात्कार तथा दिन में लम्बे समय तक भूख सहने और माता पिता की आकस्मिक मृत्यु /आत्महत्या  अथवा बीमारी में कठोर श्रम करने वाले बच्चे ---बच्चे है। संसार में युद्धों का इतिहास बच्चो और माताओ के लिए दर्द नाक रहा है और आज भी युद्ध जारी है किन्तु प्राक्रतिक सामाजिक आपदाओ से उत्पन्न समस्याओ के परिणाम युद्धों जैसे ही दिखते है। अंतर इतना है कि युद्ध -देश -देश के बीच होते है राजनैतिक प्रतिष्ठाये और प्रबल होती है।भारत के अंदर गरीबी -अमीरी का अघोषित युद्ध चल रहा है।     दो दिन...