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Showing posts from October, 2023

लोक विराट पुरुष

लोक  विराट पुरुष हजारों साल पहले भारत की मेधा ने विराट-पुरुष की संकल्पना की थी >.. जो सहस्रशीर्ष है , सहस्रनेत्र है , सहस्रबाहु है , सहस्रपाद है ।उसमें कोटि-कोटि युगों का अन्तर्भाव है ।विभिन्न जाति, वर्ग, वर्ण , धर्म आदि उसके हाथ-पैर, नाक-कान -आंख ,पेट इत्यादि अंग-प्रत्यंग हैं परन्तु वे सभी अंग अविच्छिन्न हैं और एक-दूसरे के लिये हैं । वे सब के लिये सब हैं ।इस >सब < के बीच जो नाम-रूप का भेद और असमानता है, वह दृश्यमान है, तात्विक नहीं ।उसकी एकात्मसत्ता ही सर्वजन सत्ता है , जिसे हम लोक कहते हैं । व्यक्ति, वर्ग, राज्य आदि आज हैं किन्तु लोक कल भी था , आज भी है और कल भी रहेगा ॥ वह निरन्तरता है । राजेन्द्र चतुर्वेदी 

लोक सत्संग कार्यक्रम

विश्व अहिंसा दिवस एवं महात्मा गांधी के जन्मदिवस 2 अक्टूबर 2023  से नवाचार के तहत सर्वोदय सेवा आश्रम द्वारा बुंदेलखंड के चित्रकूट जनपद में लोक सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ किया  गया। लोक सत्संग क्या है? संयुक्त राष्ट्र संघ (United nation )द्वारा पूरे विश्व के कल्याण हेतु 17 सतत विकास लक्ष्यों /उद्देश्य निर्धारित  किए हैं।  सामुदायिक संगठन सर्वोदय सेवा आश्रम चित्रकूट अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए 17 सतत विकास लक्ष्यो के द्वारा लोक कल्याण को महत्वपूर्ण मानता है। भारत की सरकार ने 17 सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विशेष कार्यक्रम योजनाएं ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिले स्तर तक में निर्धारित की गई है उनका क्रियान्वयन कराया जा  रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत सरकार दोनों के द्वारा लोक कल्याण के लिए जो कार्य किया जा रहे हैं उनकी स्थिति पारिवारिक एवं सामुदायिक स्तर कितनी प्रभावित है और बदलाव कहां कितना है इस सत्य को जानना सबसे जरूरी है।  यदि कहीं रुकावटें हैं तो उनको कैसे सामुदायिक ,लाभार्थी तथा सरकार की सहभागिता से कैसे दूर किया जा सकता है इसके लि...