राजीव जी का बलिदान देश को मजबूत और अखंड बनाने वाला था,उन्होंने युवाओ की पहचान बनाई.
वह राजनीती से दूर सहज जीवन जी रहे थे. विधि का विधान था कि उन्हें राजनीती में आना पड़ा, इतना ही नहीं जब माँ इंदिरा जी को क्रूर हांथो ने लील लिया.वह दिन बड़ा भयानक था. देश को दंगो में झोंका गया , देश को तोड़ने वाली ताक़ते प्रबल थी,पडोसी देशो का काम केवल भारत को तोड़ने का था उस समय बड़ी विषम परिस्थियों में राजीव जी ने जीने मरने के बारे में कुछ न सोच कर सीधे देश को बचाने के लिए कूद गये .अचानक प्रधान मंत्री बने .पंचायती राज और युवा की पहचान राजीव जी के स्वरूप में दिखातेहै . आज के दिन उनको भी क्रूर हांथो ने छिना. सोनिया जी कैसे टिकी .कैसे राहुल प्रियंका को संबल दिया यह भी बड़ा मार्मिक है. आज सब मिलकर निरनय ले कि उनके छूटे काम शीघ्र पूरा करे. भारत की युवा तरुनाई को बोलने उनको तैयार करने व् निरनय लेने के अवसर दे .ताकि भारत आत्म निर्भर बनने को तैयार हो जाय .बुंदेलखंड चिल्ड्रेन फोरम राजीव जी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है ..
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