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.. बाल कला कार्यशाला के प्रारंभ में बच्चो का उत्साह


                                     बाल कला कार्यशाला के प्रारंभ में बच्चो का उत्साह

बुंदेलखंड जनपद चित्रकूट विकास खंड  मऊ  की बरगढ़ गाहुर न्यायपंचायत  आदिवासी बाहुल्य है .यंहा परिवारों का पलायन बच्चो के विकास में बड़ी बाधा है. अनेक समस्याओ से समझौता  करने वाले बच्चे अपनी रुचियों  और  प्रयासों को प्रस्तुत  करना चाहते है .जमीरा कालोनी , कोनिया तथा स्टेशन के सरकारी प्राथमिक विद्द्यालय के  बच्चो को जब यह बताया गया कि  गर्मी कि छुट्टी में अपनी कला कि पहचान दिलाना व्  कला को और अच्छा निखारने के तरीको के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित हो रही है तब बच्चो ने कहा यह काम बहुत अच्छा अब हम कही नही जायेगे .ऐसा लगा कि बच्चे अपनी पहचान  के भूखे  थे . 

बच्चो  ने बताया क़ी हमारे स्कूल में एस तरह के काम नहीं कराये जाते टीचर  जी क्लास  में बहुत क्म रहते है . 
बड़ी उत्साह के साथ १० दिवसीय बाल कला प्रोत्साहन कार्यशाला दिनक २२ मई २०११ को प्राथमिक विद्द्यालय कोलमजरा में  स्थानीय कलाकार रमेश के नेतत्व में प्रारंभ हुई .इस कार्यशाला में २४ बच्चे लिए गए . रमेश क़ी कला कृतियों  को हैदराबाद में सम्मानित किया गया था . श्री रमेश  जी ने बताया क़ी बच्चे बहुत ही गंभीरता  से समझ रहे . हमारा  प्रयास है १०  दिन के बाद बच्चे स्वयम अपनी पहले दिन क़ी कला और अंतिम  दिन क़ी कला को देखे गे तो स्वयम को सम्मान देगे . हम गाँवो में इनकी कला क़ी प्रदर्शनी लगावान्येगे प्रत्येक बच्चा  अपनी टीम के साथ अपनी कृति को नुक्कड़ नाटक के द्वारा समझाएगा.  
अभिमन्यु 
 
 

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