किशोरी रूबी का गाँव क्या बाल श्रम और टीबी रोग से मुक्त हो सकता है?क्या बच्चा चोर बलवा काण्ड की सी आई डी जांच हो सकती है?
सेवा में
माननीय मुख्य मंत्री
विषय - किशोरी रूबी का गाँव क्या बाल श्रम और टीबी रोग से मुक्त हो सकता है?
उत्तर प्रदेश सरकार
लखनऊ
विषय - किशोरी रूबी का गाँव क्या बाल श्रम और टीबी रोग से मुक्त हो सकता है?
क्या बच्चा चोर बलवा काण्ड की सी आई डी जांच हो सकती है? क्या
नई दुनिया आदिवासी बस्ती की महिलाओ द्वारा १४ -११ ०१५ को आपको
दिए ज्ञापन पर आप सुनवाई कर सकते है ताकि आप निर्बल के मसीहा दिखे
के सम्बन्ध में।
महोदय
आपके जीवन में बसंत सदैव बना रहे ऐसी भगवन से प्रार्थना है -मै बहुत
स्वार्थी हूँ तभी ऐसी प्रार्थना भगवान से कर रहा हूँ ---यह देश अब आप जैसे
युवाओ को चलाना है यदि राजा स्वास्थ्य होगा तो निश्चित ही वह अपने राज्य से
टीबी और बाल श्रम को खदेड़ देगा। टीबी और बाल श्रम से चित्रकूट जिला
मुक्त हो - यह मेरा स्वार्थ है। बिना राजा के मुझ जैसे फकीर की कोई सुनेगा
नहीं। तब नई दुनिया की रूबी और उषा से किये वादे कैसे पूरे होंगे ?
नई दुनिया की रूबी से इसलिए मिलना एक संयोग था। १० अगस्त ०१५ को उसने फोन
पर बताया था कि -हमारी बस्ती में सभी आदमी पुलिस के भय से घर छोड़ कर भाग गए
है घरो में हमारे जैसे बच्चे और माताये है -२ दिन से बस्ती में मातम छाया
है। मजदूर लोग है रोज खाना और घरो में आब अनाज तक नहीं है।घर में चूल्हा
नहीं जला भूख से परेशान है। चाइल्ड लाइन में रूबी का केश दर्ज हुवा हम लोग
चित्रकूट जनपद की अकबरपुर ग्राम पंचायत की अदिवासी बस्ती नई दुनिया गए। नई
दुनिया में जाकर देखा कि ग्रेनाइट पहाड़ो को तोड़ कर गिट्टी बनाने वाले और उस
गिट्टी को ट्रको में भरने वाले प्रदेश के पुल ,सड़क और जिलाधिकारियो के
आवास ,कार्यालय के लिए गिट्टी बनाने वाले मजदूर आजादी के बाद ऎसे आज तक
मिटटी के घरौंदों में रह रहे है। हमें देखकर कई महिलाये आयीं। उन्हें लगा
कोई जो हमें सुनने आया। सबके आँखों में बेबसी और आंसू थे। रोते हुवे बोली
कि ८ तारीख़ ०१५ को बच्चा चोर बलवा काण्ड में हमारे लडके नहीं थे हमारे
लडको को पुलिस झूंठा फँसा रही है। महिलाये रोनी लगी।
सभी के साथ पुनः बैठक ११ अगस्त ०१५ को हुई। रूबी सहित किशोरियों ने अपने जीवन के दर्द बताये। जिसमे रूबी ने कहा कि हम पढ़ना चाहते थे किन्तु माँ को टीबी होगयी घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा -बस कमाने के लिए छोटे से ही ट्रको में जाने लगे पहाड़ में क्रेसर में गिट्टी भरना और माता की दवाई खिलाई की व्यवस्था में लग गए। अब गिट्टी के अलावा न तो कुछ सीखा न किसी ने सिखाया। इसी तरह उषा ने बताया कि मेरे माता पिता दोनों
सभी के साथ पुनः बैठक ११ अगस्त ०१५ को हुई। रूबी सहित किशोरियों ने अपने जीवन के दर्द बताये। जिसमे रूबी ने कहा कि हम पढ़ना चाहते थे किन्तु माँ को टीबी होगयी घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा -बस कमाने के लिए छोटे से ही ट्रको में जाने लगे पहाड़ में क्रेसर में गिट्टी भरना और माता की दवाई खिलाई की व्यवस्था में लग गए। अब गिट्टी के अलावा न तो कुछ सीखा न किसी ने सिखाया। इसी तरह उषा ने बताया कि मेरे माता पिता दोनों
बीमार है -करीब ७० प्रतिदिन मजदूरी मिलती है। तब घर का बसर होता है।
११ अगस्त २०१५ से नई दुनिया बस्ती की महिलाओ और बच्चो ने जिलाधिकारी को
बच्चा चोर बलवा काण्ड की सी आई डी जाँच के लिए कई चिठ्ठिया लिखी। व्यास
कुण्ड में क्रमिक अनशन भी किया। दिनांक २३ अक्टूबर ०१५ को टीबी बाल श्रम
उन्मूलन पर व्यास कुण्ड में जनसुनवाई में आदिवासी मजदूरर समाज ने अपनी
व्यथा बताई ।इसकी रिपोर्ट भी जिलाधिकारी और उनके माध्यम से आपको देदी थी।
१४-११ -२०१५ को चित्रकूट मुख्यालय में ९ मांगो को लेकर नई दुनिया की महिलाओ
ने शांति मार्च निकला था जिसमे ९ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी
चित्रकूट के द्वारा आपको भेजा गया था।
सभी प्रकार की कर्यवाहियो के बावजूद आपके द्वारा तथा जिला प्रशासन के द्वारा न्याय दिलाने वाले कोई सार्थक निर्णय नहीं लिए।अतः आपसे अनुरोध है कि -
सभी प्रकार की कर्यवाहियो के बावजूद आपके द्वारा तथा जिला प्रशासन के द्वारा न्याय दिलाने वाले कोई सार्थक निर्णय नहीं लिए।अतः आपसे अनुरोध है कि -
१- चित्रकूट जनपद में सबसे अधिक टी बी रोगी बालश्रम भरतकूप और बरगढ़ खनिज कामो
में लगे परिवारो में है -अतः इनका चिन्हीकरण करण करते हुवे -सामस्या के समाधान हेतु
विशेष अभियान जिसमे बालश्रमिकों का पंजीकरण और पुनर्वास और स्थानीय स्टार पर
स्वास्थ्य परिक्षण तथा फालोअप जैसे कार्य टी बी बस्ती स्कूल में आयोजित हो -
स्वास्थ्य परिक्षण तथा फालोअप जैसे कार्य टी बी बस्ती स्कूल में आयोजित हो -
२- भरतकूप बच्चा चोर बलवा काण्ड की सी आई डी जांच करने की कृपा निम्न तथ्यों के
आधार पर करने की कृपा करे -
अ- शिकायत कर्ता हरिशंकर की एफ आई आर पुलिस ने लिख कर दी -जिसमे २० निर्दोष
मजदूर युवा नाम जद हो गए -स्वय हरिशंकर इन मजदूरो को नहीं जानते न देखा।
जिसमे से १८ युवा मजदूर एक बस्ती के है.जो वन विभाग के पहाड़ो में कोई काम
बालू आदि का नहीं करते।
ब -यह बालू माफियाओ का वन विभाग की टीम में समुदाय से हमला करना एक सुनियोजित
प्लान था। बच्चा चोर की अफवाह समाज में उन दिनों जोरो से थी -सभी लोग बच्चो पर
निगाह रखे थे इसी बीच ८ अगस्त०१५ की रात ११-३०बजे वनविभाग की गस्त टीम
पहाड़ की और जाती है वैसे ही फोन के माध्यम से अफवाह फैला दी जाती है करीब ४००
पहाड़ की और जाती है वैसे ही फोन के माध्यम से अफवाह फैला दी जाती है करीब ४००
५०० लोगो ने पीछा कर जीप पर हमला कर दिया। जिसमे सभी जाती के लोग थे पर
पुलिस की एफ आई आर में केवल कोल मजदूर जाति के लोग है जो यह लोग बालू का
काम ही नहीं करते केवल क्रेसर और उनके पहाड़ो में काम करते है।
स - शिकायत करता ने एफ आई आर में लिखा है कि -हमलावरो को अपना परिचय दिया और
कहा कि हम लोग आपको जानते है -इसके बाद भी शोर करके कि मार डालो सालो को
बालू खनन रोकने आये है। किन्तु शिकायत कर्ता वन दरोगा ने अपनी एफ आई आर में
एक भी बालू माफिया को नामित नहीं किया क्यों ?
द - शिकायत कर्ता ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि -हमारी रायफल बन्दूक कारतूस मोबाइल
सब लूट लिया गया। सभी लूट का सामान पुलिस को मिल गया। पुलिस ने जिन लोगो
सब लूट लिया गया। सभी लूट का सामान पुलिस को मिल गया। पुलिस ने जिन लोगो
से लूट का सामान लिया उन लोगो को पुलिस ने किसी भी रूप में अपनी विवेचना में नहीं
डाला। नामजद जेल में बंद मजदूर की माताये कहती है कि -घटना के बाद सुबह जैसे
हम लोग सड़क पर आये तो देखा कि पुलिस सड़क के किनारे एक माकन से बन्दूक और
राइफल बरामद कर रही थी। जिनके पास से राइफल बरामद हुई वह लोग -घटना में
शामिल होने वालो को भी जानते है।
य - नाम जद लोगो में -एक टी बी का मरीज है २ लंगड़े है तथा एक मुल्जीम राजा बाबू पुत्र
एतवरिया है इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं है --विवेचना अधिकारी ने एक राजा बाबू
स्वर्गीय राम जित को अभियुक्त बनाकर निर्दोष लडके को मुलजिम बना दिया। यह किस
सूचना के आधार पर निर्दोष को डाला इसके बारे में माताये कई बार पुलिस अधीक्षक से
मिली है।
र - भरतकूप -में करीब ४-५ हजार की जनसख्या में आदिवासी मजदूर आजादी के पहले से
रह रहे है -इन बस्तियों में जीवन जीने की परिस्थितया अति दुरूह है। बाल श्रम यंहा
पर हर घर में है मामला केवल खिलाई दवाई का है --सरकार की योजनाओ की रोशनी
इंदिरा आवास ,सर्व शिक्षा अभियान,डॉट्स -किशोर किशोरी यो को हुनर की शिक्षा आदि
दूर -दूर तक नहीं है। बकरी और मजदूरी इनकी पूँजी है. यह किसी के बीच बोलना नहीं
दूर -दूर तक नहीं है। बकरी और मजदूरी इनकी पूँजी है. यह किसी के बीच बोलना नहीं
जानते है -सदैव भयभीत दिखाते है इनके बीच एक नेता ने सभी जेल में बंद लडको को
पुलिस विवेचना में बाहर कर देगी इसके लिए किसी से ५००० किसी से ३०००रु लिए।
पुलिस विवेचना में बाहर कर देगी इसके लिए किसी से ५००० किसी से ३०००रु लिए।
माताओ ने अपनी बकरी और संपत्ति बेच कर उसे पैसे दिए।मेरे द्वारा विवेचना
अधिकारी से इस बात की पुष्टि की गयी लेकिन उन्होंने कहा सब गलत है ?
तब सत्य क्या है ?यह जांच का विषय है ?
हमें आशा और विशवास है इस मेल पर कुछ जरूर सार्थक परिणाम निकलेगे क्योकि
जिलाधिकारी
स्तर की गयी भाग दौड़ का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। जिन समुदाय की
पैरवी मै सामाजिक न्याय को दिलाने के लिए कर रहा हूँ वह समुदाय अपनी दवा
कराने के लिए अस्पताल जाने का किराया देने में असमर्थ है। राज रानी का एक
कमाऊ पुत्र जेल चला गया और पुत्र वियोग और दवा के अभाव में उसकी मृत्यु हो
गयी -उसके लडको के पास इतना धन नहीं था की वह सब मिलकर लकड़ी खरीद लेते उसको
चिता देते नया कफन लेलेते। जैसी जिस हालत में वह मरी उसे जाकर गाड़ आये।
बस्ती की माताये चित्रकूट आकर जिलाधिकारी से मिलाना बड़ी आपदा मानती
है।उन्हें व्याज में पैसा लेकर किराया जुटाना पड़ता है। सायद मानवीय समाज और
सरकार मेरी बात सुन ली जाय ऐसी आशा है -क्यों की मेरे साथ कोई जनप्रतिनिधि
नहीं है।
पुलिस अधीक्षक श्री केशव चौधरी ने हमारी बात को सुना और गरीबो के मुद्दो पर मदद का आश्वासन भी दिया -पर जब आपकी विशेष इच्छा शक्ति इसमे शामिल हो जायगी तो मेरा मानना है की जेल में बंद मजदूर यदि निर्दोष है तो वह छूटेंगे और उनके लडके जो स्कूल छोड़ -मजदूरी में जाने लगे है वह पिता के आते फिर स्कूल जाने लगेंगे।
http:// childprotectionbundelkhand. blogspot.in/2016/02/blog-post. html?view=mosaic
पुलिस अधीक्षक श्री केशव चौधरी ने हमारी बात को सुना और गरीबो के मुद्दो पर मदद का आश्वासन भी दिया -पर जब आपकी विशेष इच्छा शक्ति इसमे शामिल हो जायगी तो मेरा मानना है की जेल में बंद मजदूर यदि निर्दोष है तो वह छूटेंगे और उनके लडके जो स्कूल छोड़ -मजदूरी में जाने लगे है वह पिता के आते फिर स्कूल जाने लगेंगे।
http://
भवदीय
अभिमन्यु भाई
सामाजिक कार्यकर्ता
चित्रकूट
९४१५१४३०८२
प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित
१- श्री मान डी जी पी महोदय उत्तर प्रदेश पुलिस
२- श्री मान मण्डलायुक्त महोदय चित्रकूट मंडल बांदा
३- श्री मान पुलिस महानिरीक्षक महोदय चित्रकूट मंडल बांदा
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