Skip to main content

बुंदेलखंड में बच्चो के दिन अच्छे हो




अच्छे दिन पहचान समाधान अभियान
बच्चो के दिन अच्छे हो -


बुंदेलखंड की कष्ट प्रद गर्मी में तपती हुई हवा और सड़क की तपन को नकारते हुवे बरगढ़ न्याय पंचायतो के गाँवो में कार्य रत युवा अगुवाकर्ता अपने कामो की प्रस्तुतीकरण और गाँवो में अच्छे दिन पहचान समाधान अभियान की रूप रेखा के निर्धारण में आज दिनाक ३० मई २०१४ को  करीब ११ बजे सर्वोदय सेवा आश्रम बरगढ़ के सभागार में यकत्र हुवे। सेमरा की अगुवाकर्ता फूल बानो ,केचुहेट के राम प्रताप सहित सभीअगुवाकर्ताओ ने गांव संपर्क में अपने अनुभवों को बताया और  गरीबो के पास कार्ड नहीं है को मुख्य बताते हुवे कहा कि कार्ड के आभाव में गरीब सरकारी योजनाओ से वंचित हो जाते है। हमारे गांव में कई परिवारो को बी पी एल कार्ड नहीं बने और कई परिवार अति गरीब है परिवारो में भूख है ,अशांति है।  इसी प्रकार रामानन्द सहित कई अगुवाकर्ताओ ने समस्याओ को रखा। बुंदेलखंड शांति सेना के प्रभारी अभिमन्यु भाई ने अगुवाकर्ताओ के उत्साह नमन करते हुवे कहा कि -अच्छे विचार अच्छे संकल्प लेने वाले लोग के कारन अच्छे दिन आते  है। बरगढ़ क्षेत्र में आप जैसे युवा यदि अच्छे प्रयासों में मिशन के साथ लगे है जरूर समाज में जरुरत मन्दो और बच्चो की आवाज बड़ी होगी। भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी आप लोगो की तरह श्रमिक थे किन्तु बड़े विचारो के साथ समाज में काम करते करते आज समाज ने उन्हें अपना प्रधान मंत्री बना दिया। उनके नारो में ---अच्छे दिन आएंगे एक दृष्टिकोण था। हम सब मिलकर बरगढ़ की गांव सभा को सुन्दर बनाने  तथा गाँवो में खराब दिन देखने वाले की पहचान कर उनके अंदर  अच्छे दिन की ओर बढ़ने का सामर्थ्य  पैदा करने का काम अगुवाकर्ता करेंगे तो सच में अच्छे दिन की शुरुवात होगी। 
प्रेरक कर्ता अशोक सरवडे ,संतोष सोनी ने अगुवाकर्ताओ को गांव में भ्रमण , बैठक तथा समस्या ग्रस्त बच्चो /माताओ /युवाओ  की पहचान और उनके के साथ सम्बन्ध बनाने के तरीको को बताया।सभी अगुवाकर्ताओ ने ३ जून २०१४ से  अच्छे दिन पहचान समाधान अभियान को प्रारम्भ करने का संकल्प लिया। परियोजना प्रबंधक विजय कुमार ने इस काम में लगने वाले लोगो को शुभकामनाये दी।

Comments

Popular posts from this blog

लोक विराट पुरुष

लोक  विराट पुरुष हजारों साल पहले भारत की मेधा ने विराट-पुरुष की संकल्पना की थी >.. जो सहस्रशीर्ष है , सहस्रनेत्र है , सहस्रबाहु है , सहस्रपाद है ।उसमें कोटि-कोटि युगों का अन्तर्भाव है ।विभिन्न जाति, वर्ग, वर्ण , धर्म आदि उसके हाथ-पैर, नाक-कान -आंख ,पेट इत्यादि अंग-प्रत्यंग हैं परन्तु वे सभी अंग अविच्छिन्न हैं और एक-दूसरे के लिये हैं । वे सब के लिये सब हैं ।इस >सब < के बीच जो नाम-रूप का भेद और असमानता है, वह दृश्यमान है, तात्विक नहीं ।उसकी एकात्मसत्ता ही सर्वजन सत्ता है , जिसे हम लोक कहते हैं । व्यक्ति, वर्ग, राज्य आदि आज हैं किन्तु लोक कल भी था , आज भी है और कल भी रहेगा ॥ वह निरन्तरता है । राजेन्द्र चतुर्वेदी 

किशोरी रूबी का गाँव क्या बाल श्रम और टीबी रोग से मुक्त हो सकता है?क्या बच्चा चोर बलवा काण्ड की सी आई डी जांच हो सकती है?

                                                                   सेवा में  माननीय मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ            विषय  - किशोरी रूबी का  गाँव  क्या बाल श्रम और टीबी रोग से मुक्त हो सकता है?                        क्या बच्चा चोर बलवा काण्ड की सी आई डी जांच हो सकती है? क्या                        नई दुनिया आदिवासी बस्ती की महिलाओ द्वारा १४ -११ ०१५ को आपको                        दिए ज्ञापन पर आप सुनवाई कर सकते है ताकि आप निर्बल के मसीहा दिखे...

लोक सत्संग कार्यक्रम

विश्व अहिंसा दिवस एवं महात्मा गांधी के जन्मदिवस 2 अक्टूबर 2023  से नवाचार के तहत सर्वोदय सेवा आश्रम द्वारा बुंदेलखंड के चित्रकूट जनपद में लोक सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ किया  गया। लोक सत्संग क्या है? संयुक्त राष्ट्र संघ (United nation )द्वारा पूरे विश्व के कल्याण हेतु 17 सतत विकास लक्ष्यों /उद्देश्य निर्धारित  किए हैं।  सामुदायिक संगठन सर्वोदय सेवा आश्रम चित्रकूट अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए 17 सतत विकास लक्ष्यो के द्वारा लोक कल्याण को महत्वपूर्ण मानता है। भारत की सरकार ने 17 सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विशेष कार्यक्रम योजनाएं ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिले स्तर तक में निर्धारित की गई है उनका क्रियान्वयन कराया जा  रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत सरकार दोनों के द्वारा लोक कल्याण के लिए जो कार्य किया जा रहे हैं उनकी स्थिति पारिवारिक एवं सामुदायिक स्तर कितनी प्रभावित है और बदलाव कहां कितना है इस सत्य को जानना सबसे जरूरी है।  यदि कहीं रुकावटें हैं तो उनको कैसे सामुदायिक ,लाभार्थी तथा सरकार की सहभागिता से कैसे दूर किया जा सकता है इसके लि...