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बालश्रम -टीबी मुक्त चित्रकूट मिशन में चिन्हित -नई दुनिया बस्ती के खतरनाक कामो में सलग्न ४० बालश्रमिकों के पुनर्वास हेतु -

सेवा में
जिलाधिकारी
चित्रकूट
विषय --बालश्रम -टीबी मुक्त चित्रकूट मिशन में चिन्हित -नई दुनिया बस्ती के खतरनाक कामो में सलग्न ४० बालश्रमिकों के पुनर्वास हेतु -
सन्दर्भ - पत्र १०४ /०१५-०१६ दिनाक ०८ -०१ -२०१६
माननीय महोदया
                     कृपया उपरोक्त विषय का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करे। ८ जनवरी २०१६ को आपके कर्यालय में आपसे मिल कर ४० बालश्रमिकों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र इस अनुरोध के साथ प्राप्त कराये थे कि बच्चो को खतनाक कामो से हटा कर उन्हें-अच्छे भविष्य की सम्भावनाओ पर विकसित करने का माहौल दिया जाय।आपने कहा कैसे होगा -इस पर मेरा सुझाव था कि -अभी सरकार की ऒर से प्रमुख सचिव श्रम द्वारा दिए गए दिशा निर्देश -जो समाचार पत्र में प्रकाशित हुवा था कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बाल श्रमिको का चिन्हीकरण और पंजीकरण कर करने के बाद उनका पुनर्वास प्लान परिवार -पंचायत के साथ मिल कर निर्मित किया जाय। 
                   आपकी ओर से बच्चो के प्रार्थना पत्रो पर कार्यवाही जरूर हुई होगी किन्तु अभी तक उसका असर क्या हुवा इसका अवलोकन करना जरुरी है ताकि शिवरामपुर /कर्वी विकास खंड की ग्राम पंचायत अकबर पुर  तथा गोंडा में पहाड़ो को तोड़ने और ट्रको में पत्थरो को भरने जैसे खतरनाक कामो में ८ वर्ष आयु से लेकर १५ वर्ष आयु के लडके लडकिया अपने बीमार माता पिता की दवाई -खिलाई और परिवार सञ्चालन में आर्थिक मदद के लिए जाते है उनके उज्जवल भविष्य के लिए व्यौहारिक काम चिन्हित हो सके और समय कार्यक्रम बन कर लागू हो जाए।  वर्तमान में बच्चो का शैक्षिक और सामाजिक ज्ञान बहुत नगण्य है -जिन ४०  बच्चो के प्रार्थना पत्र आपको प्राप्त कराये थे वह न आपको जानते है और न  पंचायत को यह बाल मजदूर केवल सुबह काम में जाना पैसा लाना और घर में रोटी सबको मिल जाय इतना ही  जानते है। इसके बाद समाज ने जो गन्दी आदते जैसे नशा गाली आदि वह जानते है -कुल ४०  बच्चो में से २९ बच्चे ऐसे थे जिनका नामांकन स्कूल में नहीं हुवा था तथा ११ बच्चे ड्राप आउट थे इनमे से ५ बच्चे ऐसे थे जिनके पिता जेल में है। टी बी रोग से परेशान लोग अधिक है। अधिकाँश मजदूर दवा सरकारी डॉट्स केंद्र तक जाने की आर्थिक क्षमता नहीं रखते। 
                    आप से अनुरोध है कि निम्न पर शीघ्र कार्यवाही करने का कष्ट करे -
१- बच्चो के  प्रार्थना पत्र पर आपके निर्णय पर  पालन कर्ता द्वारा किये गए कार्य की  प्रगति। 
२- चित्रकूट जनपद की सभी ग्राम पंचायतो /नगर पंचायतो में बालश्रमिकों की पहचान और
    पंजीकरण तथा पुनर्वास प्लान निर्माण हेतु एक समिति का निर्माण -
३- खतरनाक कामो में जुड़े बालश्रमिकों के साथ उनके पुनर्वास योजना निर्माण। 
४- जिला बाल संरक्षण समिति को सक्रीय करना तथा उसकी बैठके समय पर आयोजित
    करना।
५- सबसे अधिक टीबी रोगी वाली ग्राम पंचायतो में स्वास्थ्य परीक्षण कैम्प लगाना।
                   यदि आप उपरोक्त समिति में सर्वोदय सेवा आश्रम व् चाइल्ड लाइन चित्रकूट को  भागीदार बनायेगे तो समय पर परिणाम दिलाने वाले कार्य सहभगिता से पूर्ण होगे। आशा और विशवास है कि हमारे पत्र पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेगी।   
                                                     
                                                                                            भवदीय
                                                                                  
                                                                                         अभिमन्यु भाई
प्रतिलिपि सूचनार्थ एव आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित -
१-  माननीय मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ
२ - श्रीमान मण्डलायुक्त चित्रकूट मंडल बाँदा
३-  माननीय अध्यक्ष बाल  आयोग उत्तर प्रदेश लखनऊ
४ - श्री मान अध्यक्ष राष्ट्रिय बाल अधिकार संरक्षण आयोग भारत सरकार नई दिल्ली।
                                                                                      अभिमन्यु भाई

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